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अक्षांश और देशांतर क्या है? | अक्षांश और देशांतर में अंतर-Best Guide 2022

अक्षांश और देशांतर रेखाएं क्या है एवं इनकी विशेषताएं क्या है और इनका हमारे लिए क्या महत्व है? आज इस लेख में हम इसी के बारे में विस्तार से चर्चा करने वाले है। अतः पूरी जानकारी के लिए आप ये आर्टिकल जरूर पढ़े:

आईये अक्षांश और देशांतर रेखाओं (latitude and longitude) के बारे में सबकुछ विस्तार से जानते है कि अक्षांश और देशांतर किसे कहते है एवं इनकी विशेषताएं क्या है?

अक्षांश और देशांतर क्या है?

दोस्तों, आपने अपने स्कूल में ग्लोब तो देखा ही होगा जिस पर खरबूजे की तरह ऊपर से नीचे की ओर यानि ऊर्ध्वाकार (खड़ी) रेखाएं (latitude) बनी होती हैं। 

ठीक इसी तरह पृथ्वी के ग्लोब में भी ऐसी ऊर्ध्वाकार रेखाएं (Vertical lines) होती है जिन्हे हम देशांतर रेखाओं के रूप में जानते है लेकिन इसके साथ ही ग्लोब में हम कुछ आड़ी रेखाएं (Horizontal lines) भी होती है जिन्हे अक्षांश रेखाओं का नाम दिया गया हैं।

अक्षांश और देशांतर किसे कहते है, what are latitude and longitude lines
अक्षांश और देशांतर किसे कहते है एवं इनकी विशेषताएं क्या है ?
Image Source: wikimedia

अक्षांश और देशांतर रेखाओं के जाल को क्या कहते हैं?

अक्षांश और देशांतर रेखाओं के जाल को ही हम ग्लोब (globe) कहते है। ग्लोब पृथ्वी का एक काल्पनिक रूप है जिसे वैज्ञानिको ने सम्पूर्ण पृथ्वी के भौगोलिक स्थानों की पहचान और अध्ययन करने के लिए कल्पना के आधार पर बनाया है। यानि ये अक्षांश और देशांतर रेखाएं वास्तव में पूरी तरह काल्पनिक है जिनका वास्तव में पृथ्वी पर कोई अस्तित्व नहीं है। 

अक्षांश और देशांतर रेखाओं की विशेषताएं:

(Latitudes lines): अक्षांश रेखाएं किसे कहते है?

हमारे ग्रह को दो भागों में विभाजित करने वाली काल्पनिक रेखा का नाम विषुवत रेखा है। विषुवत रेखा के उत्तर या दक्षिण स्थित किसी भी स्थान की विषुवत रेखा से कोणीय दूरी को उस स्थान का अक्षांश कहा जाता है तथा समान अक्षांशों को मिलाने वाली काल्पनिक रेखा को अक्षांश रेखा कहा जाता है। 

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अक्षांश रेखाएं (Lattitude Lines)

अक्षांश रेखाएं विषुवत रेखा (0 डिग्री अक्षांश रेखा या भूमध्य रेखा) के सामानांतर होती हैं। अक्षांश रेखाएं 0 डिग्री से 90 डिग्री उत्तर एवं दक्षिण तक होती है। यानि कुल अक्षांश रेखाएं 90+90+1= 181 होती है। लेकिन यदि दोनों ध्रुवो को रेखा न माना जाये क्यूंकि ये केवल बिंदु है तो ये 179 ही बताई जाती है। 

अक्षांश रेखा को सामानांतर रेखा भी कहा जाता है क्यूंकि ये सामानांतर तो होती ही है साथ ही एक- दूसरी रेखा से समान दूरी पर भी होती है। 

1 डिग्री अक्षांश के बीच की दूरी लगभग 111 कि.मी. (69 मील) होती है। पृथ्वी की गोलाभ आकृति के कारण यह दूरी, विषुवत रेखा से ध्रुवों की ओर थोड़ी अधिक होती जाती है। 

23.5 उत्तरी अक्षांश को कर्क रेखा एवं 23.5 दक्षिणी अक्षांश को मकर रेखा कहा जाता है। 66.5 उत्तरी एवं दक्षिणी अक्षांश रेखा क्रमशः आर्कटिक वृत्त (Arctic circle) एवं अंटार्कटिक वृत्त (Antarctic Circle) जाता है। 

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(Longitudes lines) देशांतर रेखाएं किसे कहते है?

किसी भी स्थान की प्रधान याम्योत्तर (0 डिग्री देशान्तर या ग्रीनविच से पूर्व या पश्चिम) से कोणीय दूरी को उस स्थान का देशान्तर कहा जाता है। 

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(Longitudes lines) देशांतर रेखाएं

समान देशान्तर को मिलाने वाली काल्पनिक रेखा जो कि ध्रुवों से होकर गुजरती है, देशान्तर रेखा कहलाती है। इसे मेरेडियन भी कहा जाता है। यह पूर्व एवं पश्चिम दिशा में 180 डिग्री तक होती है। इस प्रकार देशांतर रेखाओ की कुल संख्या 360 है। 

विषुवत रेखा पर दो देशांतर रेखाओं के बीच की दूरी 111.32 किलोमीटर होती है, जो ध्रुवों की ओर घटकर शून्य हो जाती है। 

चूँकि पृथ्वी को 360 डिग्री घूमने में 24 घंटे का समय लगता है, इस प्रकार 1 की दूरी तय करने में 4 मिनट का समय लगता है। 

चूँकि पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की और घूमती है, अतः पूर्व का समय आगे एवं पश्चिम का समय पीछे रहता है। 

0 देशांतर रेखा को प्रधान याम्योत्तर या ग्रीनविच रेखा कहा जाता है। यह रेखा लंदन के निकट ग्रीनविच से होकर गुजरती है। 

180 देशांतर रेखा को अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Line) कहा जाता है। यदि कोई व्यक्ति इस रेखा को पश्चिम से पूर्व की ओर पार करता है, तो एक दिन कम हो जाता है एवं जब पूर्व से पश्चिम की और पार करता है, तो एक दिन बढ़ जाता है। 

पृथ्वी पर किसी स्थान विशेष का सूर्य की स्थिति से परिकलित समय स्थानीय समय (Local Time) कहलाता है एवं किसी देश के मध्य से गुजरने देशांतर रेखा के अनुसार लिया गया समय उस देश का प्रामाणिक समय (Standard Time) कहलाता है। 

उदहारण के लिए भारत के सर्वाधिक पूर्व एवं सर्वाधिक पश्चिम में स्थित स्थानों के स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का अंतर होता है। जबकि इन दोनों स्थानों का प्रामाणिक समय एक ही है। 

भारत का प्रामाणिक समय 82.5 पूर्व देशांतर इलाहबाद (अब प्रयागराज कहलाता है) से लिया गया है। 

सामान्यतः प्रत्येक देश की एक प्रामाणिक देशांतर रेखा होती है परन्तु यू. एस. ए. एवं रूस जैसे अधिक देशांतरीय विस्तार वाले देशों में क्रमशः 5 एवं 11 समय कटिबंध है।  

अक्षांश और देशांतर से संबंधित प्रश्न:

1. अक्षांश और देशांतर की संख्या कितनी है?

अक्षांश रेखाएं 90+90+1= 181 होती है। लेकिन यदि दोनों ध्रुवो को रेखा न माना जाये क्यूंकि ये केवल बिंदु है तो ये 179 ही बताई जाती है। देशांतर रेखाओ की कुल संख्या 360 है। 

2. दो देशांतर के बीच की दूरी कितनी होती है?

देशांतर रेखाएं समानांतर रेखाएं नहीं हैं। इसलिए भूमध्य रेखा पर इनके बीच की दूरी 111.32 किलोमीटर मानी जाती हैं एवं ध्रुवों की तरफ जाते समय इनके बीच घटती जाती हैं एवं ध्रुवों पर ये दूरी 0 हो जाती हैं।

3. दो अक्षांश रेखाओं के बीच समय में क्या अंतर होता है?

भूमध्य रेखा पर दो देशान्तरों के मध्य समयांतराल 4 मिनट का माना गया हैं।

4. दो अक्षांश रेखाओं के बीच के क्षेत्र को क्या कहते हैं?

दो अक्षांश रेखाओं के बीच के क्षेत्र को जोन कहते हैं?

5. ग्रीनविच रेखा का मान क्या है?

0० देशांतर पर खींची गयी मध्यान्ह रेखा को ग्रीनविच रेखा कहा जाता हैं।

6. 180 डिग्री देशांतर रेखा को क्या कहा जाता है?

180 डिग्री देशांतर रेखा को मेरीडियन या एंटीमेरिडियन भी कहा जाता हैं क्यूंकि यहाँ से ही पृथ्वी पर एक नए दिन का अंत और नए दिन की शुरुआत होती हैं।

7. अक्षांश और देशांतर रेखाओं के जाल को क्या कहते हैं?

अक्षांश और देशांतर रेखाओं के जाल को ग्लोब कहते हैं

8. ग्लोब में आड़ी रेखा को क्या कहते है?

ग्लोब में आड़ी रेखा को अक्षांश (Longitude) कहते है?

और आखिर में :
तो दोस्तों अब आप भी ये अच्छे से समझ गए होंगे कि अक्षांश और देशांतर क्या है एवं इनकी विशेषताएं क्या है ?

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Rakesh Verma

Rakesh Verma is a Blogger, Affiliate Marketer and passionate about Stock Photography.

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