अक्षांश और देशांतर किसे कहते है एवं इनकी विशेषताएं क्या है ?| what is latitude and longitude lines

हेलो दोस्तों, अक्सर आपने अक्षांश और देशांतर रेखाओं के बारे जरूर सुना होगा लेकिन क्या आपको पता है कि अक्षांश और देशांतर रेखाएं किसे कहते है एवं इनकी विशेषताएं क्या है ? और इनका हमारे लिए क्या महत्व है ? आज हम इसी के बारे में चर्चा करने वाले है। अतः पूरी जानकारी के लिए आप ये आर्टिकल जरूर पढ़े:

तो आईये अब हम अक्षांश और देशांतर रेखाओं (latitude and longitude) के बारे में सबकुछ विस्तार से जानते है। 


 अक्षांश और देशांतर रेखाएं किसे कहते है एवं इनकी विशेषताएं क्या है ?| what is latitude and longitude
 अक्षांश और देशांतर रेखाएं किसे कहते है एवं इनकी विशेषताएं क्या है ?| what is latitude and longitude


अक्षांश और देशांतर रेखाएं क्या होती है ?

दोस्तों, आपने अपने स्कूल में ग्लोब तो देखा ही होगा जिसपर खरबूजे की तरह ऊपर से नीचे की ओर यानि ऊर्ध्वाकार (खड़ी) रेखाएं (latitude) बनी होती है। 

ठीक इसी तरह पृथ्वी के ग्लोब में भी ऐसी ऊर्ध्वाकार रेखाएं होती है जिन्हे हम देशांतर रेखाओं के रूप में जानते है लेकिन इसके साथ ही ग्लोब में हम कुछ आड़ी रेखाएं भी होती है जिन्हे अक्षांश रेखाओं का नाम दिया गया है।


इन अक्षांश और देशांतर रेखाओं के जाल को ही हम ग्लोब (globe) कहते है। ग्लोब पृथ्वी का एक काल्पनिक रूप है जिसे वैज्ञानिको ने सम्पूर्ण पृथ्वी के भौगोलिक स्थानों की पहचान और अध्ययन करने के लिए कल्पना के आधार पर बनाया है। यानि ये अक्षांश और देशांतर रेखाएं वास्तव में पूरी तरह काल्पनिक है जिनका वास्तव में पृथ्वी पर कोई अस्तित्व नहीं है। 



अक्षांश और देशांतर रेखाओं की विशेषताएं :

अक्षांश रेखाएं (Latitudes lines):

हमारे ग्रह को दो भागों में विभाजित करने वाली काल्पनिक रेखा का नाम विषुवत रेखा है। विषुवत रेखा के उत्तर या दक्षिण स्थित किसी भी स्थान की विषुवत रेखा से कोणीय दूरी को उस स्थान का अक्षांश कहा जाता है तथा समान अक्षांशों को मिलाने वाली काल्पनिक रेखा को अक्षांश रेखा कहा जाता है। 

अक्षांश रेखाएं विषुवत रेखा (0 डिग्री अक्षांश रेखा या भूमध्य रेखा) के सामानांतर होती हैं। अक्षांश रेखाएं 0 डिग्री से 90 डिग्री उत्तर एवं दक्षिण तक होती है। यानि कुल अक्षांश रेखाएं 90+90+
1= 181 होती है। लेकिन यदि दोनों ध्रुवो को रेखा न माना जाये क्यूंकि ये केवल बिंदु है तो ये 179 ही बताई जाती है। 


अक्षांश रेखा को सामानांतर रेखा भी कहा जाता है क्यूंकि ये सामानांतर तो होती ही है साथ ही एक- दूसरी रेखा से समान दूरी पर भी होती है। 


1 डिग्री अक्षांश के बीच की दूरी लगभग 111 कि.मी. (69मील) होती है। पृथ्वी की गोलाभ आकृति के कारण यह दूरी, विषुवत रेखा से ध्रुवों की ओर थोड़ी अधिक होती जाती है। 

23.5 उत्तरी अक्षांश को कर्क रेखा एवं 23.5 डिग्री दक्षिणी अक्षांश को मकर रेखा कहा जाता है। 66.5 उत्तरी एवं दक्षिणी अक्षांश रेखा क्रमशः आर्कटिक वृत्त (Arctic circle) एवं अंटार्कटिक वृत्त (Antarctic Circle) जाता है। 


देशांतर रेखाएं (Longitudes lines)

किसी भी स्थान की प्रधान याम्योत्तर (0 डिग्री देशान्तर या ग्रीनविच से पूर्व या पश्चिम) से कोणीय दूरी को उस स्थान का देशान्तर कहा जाता है। 

समान देशान्तर को मिलाने वाली काल्पनिक रेखा जो कि ध्रुवों से होकर गुजरती है, देशान्तर रेखा कहलाती है। इसे मेरेडियन भी कहा जाता है। यह पूर्व एवं पश्चिम दिशा में 180 डिग्री तक होती है। इस प्रकार देशांतर रेखाओ की कुल संख्या 360 है। 

विषुवत रेखा पर दो देशांतर रेखाओं के बीच की दूरी 111.32 किलोमीटर होती है, जो ध्रुवों की और घटकर शून्य हो जाती है। 

चूँकि पृथ्वी को 360 डिग्री घूमने में 24 घंटे का समय लगता है, इस प्रकार 1 डिग्री की दूरी तय करने में 4 मिनट का समय लगता है। 

चूँकि पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की और घूमती है, अतः पूर्व का समय आगे एवं पश्चिम का समय पीछे रहता है। 

0 डिग्री देशांतर रेखा को प्रधान याम्योत्तर या ग्रीनविच रेखा कहा जाता है। यह रेखा लंदन के निकट ग्रीनविच से होकर गुजरती है। 


180 डिग्री देशांतर रेखा को अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Line) कहा जाता है। यदि कोई व्यक्ति इस रेखा को पश्चिम से पूर्व की ओर पार करता है, तो एक दिन कम हो जाता है एवं जब पूर्व से पश्चिम की और पार करता है, तो एक दिन बढ़ जाता है। 

पृथ्वी पर किसी स्थान विशेष का सूर्य की स्थिति से परिकलित समय स्थानीय समय (Local Time) कहलाता है एवं किसी देश के मध्य से गुजरने देशांतर रेखा के अनुसार लिया गया समय उस देश का प्रामाणिक समय (Standard Time) कहलाता है। 

उदहारण के लिए भारत के सर्वाधिक पूर्व एवं सर्वाधिक पश्चिम में स्थित स्थानों के स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का अंतर होता है। जबकि इन दोनों स्थानों का प्रामाणिक समय एक ही है। 

भारत का प्रामाणिक समय 82.5 पूर्व देशांतर (इलाहबाद- अब प्रयागराज कहलाता है) से लिया गया है। 

सामान्यतः प्रत्येक देश की एक प्रामाणिक देशांतर रेखा होती है परन्तु यू. एस. ए. एवं रूस जैसे अधिक देशांतरीय विस्तार वाले देशों में क्रमशः 5 एवं 11 समय कटिबंध है।  

और आखिर में :
तो दोस्तों अब आप भी ये अच्छे से समझ गए होंगे कि अक्षांश और देशांतर किसे कहते है एवं इनकी विशेषताएं क्या है ?

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