Nikola Tesla Biography in Hindi | निकोला टेस्ला की कहानी

Nikola Tesla Biography in Hindi | निकोला टेस्ला की कहानी

आज हम एक ऐसे महान वैज्ञानिक के बारे में बात करने वाले है जिसने अपने महान आविष्कारो से पूरी दुनिया को चौंकाया है और जिसे दुनिया का electric man भी कहा जाता है और उस महान वैज्ञानिक को दुनिया Nikola Tesla के नाम से जानती है। इसलिए आपको ये आर्टिकल Nikola Tesla Biography in Hindi जरूर पढ़ना चाहिए।

दोस्तों, आज हम अपने आस पास जो रौशनी से जगमगाते गाँव और शहर देखते है वो सब इस महान वैज्ञानिक की ही देन है। दुनिया को रौशनी से जगमग करने वाले इस महान वैज्ञानिक का नाम आज भी वैज्ञानिक समुदाय में काफी सम्मान से लिया जाता है। 

इसलिए यहाँ हम महान वैज्ञानिक Nikola Tesla के अद्भुत आविष्कारो के बारे में बात करने वाले है। तो आईये पढ़ते है Nikola Tesla Biography in Hindi

दोस्तों ज़रा कल्पना कीजिये कि आज से 150 वर्ष पूर्व का जींवन कैसा होता होगा। उस समय तब जैसे ही रात होती पूरी दुनिया अँधेरे में गुम हो जाती थी और उजाले के लिए लोगो के पास मशाल और लालटेन जलाने के सिवा कोई और दूसरा उपाय नहीं हुआ करता था।

क्यूंकि तब लोगो के पास आज की तरह बिजली की व्यस्था नहीं हुआ करती थी और कोई भी AC (अल्टरनेटिव करंट) करंट के बारे में नहीं जानता था जिससे आज की हमारी ये दुनिया इतनी रोशनमान है या यु कहे कि जिसके बिना हम आधुनिक जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते थे। 

उस समय बिजली की कल्पना करना एक सपने जैसा था परन्तु इस सपने को Nikola Telsa ने हकीकत में बदल के रख दिया। इसके अलावा भी कई महान अविष्कार हुए जिनका पूरा श्रेय Nikola Tesla को ही जाता है। 

तो आखिर Nikola Tesla ने कौन कौनसे invention कब और कैसे किये इन सभी सवालो का जवाब आपको इस आर्टिकल में जानने को मिल जायेगा। इसके लिए आप इस आर्टिकलको पूरा अंत तक पढ़े। 

तो आईये दोस्तों Nikola Tesla Biography in Hindi विस्तार से पढ़ते है। 

Nikola Tesla Biography in Hindi

जीवन परिचय – निकोला टेस्ला का जन्म कहां हुआ था?

nikola tesla का जन्म ऑस्टिन-हंगेरियन साम्राज्य के सैन्य सीमा क्षेत्र में हुआ था जो अब क्रोएशिया (एक यूरोपीय देश) है। वहां उनका जन्म एक रोमन कैथोलिक घर में हुआ था। 

उनके पिता का नाम मिलुटिन टेस्ला था जो एक रूढ़िवादी विचारधारा के पादरी थे और वो निकोला टेस्ला को भी उनकी तरह एक पादरी ही बनाना चाहते थे। उनकी माता का नाम ड्यूका टेस्ला था और वो ग्रहणी थी। निकोला टेस्ला अपने माता पिता की पांच सन्तानो में से एक थे। 

टेस्ला पढ़ाई में बचपन से ही होशियार थे और तब वो बड़ी बड़ी कैलकुलेशन को भी सिर्फ अपने दिमाग में ही हल कर लिया करते थे। उनकी इस असाधारण क्षमता पर उनके स्कूल अध्यापक बहुत ही आश्चर्य करते थे और उन्हें विश्वास ही नहीं होता था कि टेस्ला बड़ी बड़ी और कठिन केल्कूलेशन खुद से ही पूरी करते हैं। 

टेस्ला ताउम्र अविवाहित रहे, उन्होंने कभी शादी नहीं की थी। उन्होंने ग्राज के तकनीकी विशवविद्यालय से गणित और भौतिकी में अध्यन किया और उसके बाद प्राग विशवविद्यालय से आगे की पढ़ाई की।  

निकोला टेस्ला का वैज्ञानिक सफर :

निकोला टेस्ला ने अपने करियर की शुरुआत 1881 में एक टेलीग्राफ कंपनी से की जहा उन्होने टेलीफोन एम्पलीफायर में सुधार करके उसे पहले से काफी एडवांस बनाया परन्तु इसका उन्होंने पेटेंट नहीं कराया था। 

इसके बाद वर्ष 1882 में फ़्रांस जाकर वो थॉमस अल्वा एडीसन की कंपनी में नौकरी करने लगे जहाँ उन्होंने दो साल तक DC करंट पर चलने वाले कई उपकरणों में सुधार किये। 

इसके बाद 1884 में अमेरिका आकर वो थॉमस अल्वा एडिसन के सहयोगी के रूप में काम करने लगे और वहाँ कई आविष्कार किये। एक बार एडिसन ने टेस्ला को मोटर और जेनेरेटर को और ज्यादा बेहतर बनाने के लिए 50,000 डॉलर का प्रस्ताव दिया।

टेस्ला ने उसे भी सफलतापूर्वक पूरा कर दिखाया परन्तु बाद में एडिसन यह कह कर अपने वादे से मुकर गए कि उसने तो मज़ाक किया था।  

यह बात टेस्ला को इतनी बुरी लगी कि उन्होंने एडिसन की कंपनी को अलविदा कह दिया। इसके बाद उन्होंने “टेस्ला इलेक्ट्रिक लाइट कंपनी” शुरू की और यही से टेस्ला और एडिसन के बीच में electric war शुरू हो गया

क्यूंकि जहा एडिसन पहले से ही DC (direct current) दिष्ट धारा बिजली पर काम कर रहे थे तो वही निकोला टेस्ला ने AC (alternative current) प्रत्यावर्ती धारा को आगे बढ़ाने का काम शुरू कर दिया था।  

एडिसन की DC पावर सप्लाई की यह विशेषता थी कि इसमें विद्युत् धारा सामान प्रवाह से केवल एक ही दिशा में प्रवाहित होती है और जिसे ज्यादा दूर तक नहीं भेजा जा सकता क्यूंकि दूरी बढ़ने के साथ साथ इसकी पावर भी कम होती जाती है।

इसलिए बीच बीच में कुछ दूरी पर पावर सप्लाई को बढ़ाने के लिए पावर स्टेशन बनाने पड़ते थे। टेस्ला की कंपनी से पहले पूरे अमेरिका में DC पावर सप्लाई सिस्टम की ही व्यस्था थी।

वही दूसरी और टेस्ला AC करेंट को DC करंट सिस्टम से बेहतर मानते थे क्यूंकि इसमें (Alternative Current में) करंट लगातार अपनी अपनी दिशा बदलता रहता है और इसे ट्रांसफॉर्मर के द्वारा ज्यादा दूरी तक भेजना संभव है।

टेस्ला से पहले अमेरिका में एडिसन की कंपनी DC आधारित पावर सप्लाई करती आ रही थी और टेस्ला की AC करंट सिस्टम की खोज के कारण एडिसन की DC आधारित पावर सप्लाई पर खतरा मंडराने लगा।

इसके कारण दोनों में एक तरह का Current War शुरू हो गया क्यूंकि विद्युत् को लेकर दोनों अपने अपने तर्क से लोगो और वैज्ञानिक समुदाय का ध्यान आकर्षित करने में लगे हुए थे।

एडिसन AC पावर के घोर विरोधी थे और वो यह मानते थे कि AC पावर लोगो के लिए बहुत खतरनाक है। इसको साबित करने के लिए एडिसन ने एक हाथी को AC करंट से मरवा दिया था।

लेकिन उनका यह प्रयास ज्यादा दिन नहीं चला और अंततः जीत निकोला टेस्ला की ही हुई और बाद में पूरे अमेरिका में AC पावर सिस्टम को अपना लिया गया। 

टेस्ला ने अपने AC इलेक्ट्रिक सिस्टम के 40 पेटेंट करवाए थे जिसे बाद में उन्होंने अमेरिकी इंजीनियर और बिजनेसमैन जॉर्ज वेस्टिंग हाउस को बेच दिया जो अमेरिका में AC इलेक्ट्रिक सिस्टम को बेचना चाहते थे।

टेस्ला ने वर्ष 1895 में नियाग्रा वाटर फॉल पर दुनिया का पहला हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट स्थापित दुनिया को अचंभित कर दिया।

इसके बाद से पूरी दुनिया ने AC पावर सिस्टम को अपना लिया क्यूंकि ये सबसे अच्छी और DC के मुकाबले काफी सस्ती भी थी। कई सालो बाद अंततः एडिसन ने भी टेस्ला से अपने किये दुर्व्यवहार पर माफ़ी मांग ली।

निकोला टेस्ला के आविष्कार:

वायरलेस बिजली व संचार सिस्टम :

वर्ष 1900 में टेस्ला अपने सबसे महान प्रोजेक्ट पर काम करने लगे जिसका मकसद एक ऐसा विश्व संचार तंत्र का निर्माण करना था जिससे पूरी दुनिया को मुफ्त की बिजली दी जा सके वो भी बिना किसी इलेक्ट्रिक वायर के।

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इसके लिए वो एक ऐसे बिजली टावर का निर्माण करना चाहते थे जो एक जगह से दूसरी जगह बिना किसी वायर के बिजली पहुंचा सके।

हालाँकि पैसे के आभाव में उनका यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया परन्तु इससे उन्होंने दुनिया को वायरलेस टेक्नोलॉजी का आईडिया जरूर दे दिया। और बाद में लेज़र लाइट का आविष्कार भी टेस्ला की इसी टेक्नोलॉजी पर आधारित था।

टेस्ला रॉड :

रेडियो के अविष्कार में भी टेस्ला की एक महत्पूर्ण भूमिका रही है। टेस्ला का मानना था की पृथ्वी के बाहरी आयन मंडल से टकराकर रेडियो तरंगे वापस पृथ्वी की और जाती है जिससे दुनिया में कही भी रेडियो सन्देश भेजे जा सकते है। इसके लिए उन्होंने रेडियो में लगायी जाने वाली टेस्ला रोड का आविष्कार किया।

बिजली की मोटर :

आज जो हम कूलर, पंखे, पानी की मोटर और अन्य घूमने वाली इलेक्ट्रिक मोटर का उपयोग करते है इसका आविष्कार भी सर्वप्रथम निकोला टेस्ला द्वारा ही किया गया।

इसके अलावा भी कई ऐसे पेटेंट टेस्ला के नाम से है जिनका आविष्कार निकोला टेस्ला ने ही किया है जैसे : डायनमो, X-Ray टेक्नोलॉजी, रडार तकनीक, रोटेटिंग मैग्नेटिक फील्ड आदि। 

निकोला टेस्ला ने अपने वैज्ञानिक जीवन में काफी प्रसिद्धि पायी परन्तु उनका आखिरी समय एकांत और बेहद गरीबी में बीता। 7 जनवरी 1943 को 86 साल की उम्र में न्यूयार्क शहर में उनका देहांत हो गया।

At last:

तो दोस्तों Nikola Tesla Biography in Hindi यह जानकारी आपको कैसी लगी हमे कमेंट करके जरूर बताये। इसी तरह के अन्य आर्टिकल का नोटिफिकेशन प्राप्त करने के लिए हमारे इस ब्लॉग को सब्सक्राइब जरूर करे। Thanks for visit here…

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Rakesh Verma

Rakesh Verma is a Blogger, Affiliate Marketer and passionate about Stock Photography.

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