जेफ बेजोस की सफलता की कहानी | Jeff Bezos Biography in Hindi

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपको एक ऐसे इंसान के बारे में बताने वाले है जिसके जीवन की शुरुआत एक आम इंसान की तरह हुई थी परन्तु उसकी सोच ने, उसके काम करने के तरीके ने, उसकी ज़िद ने उसे आज दुनिया का सबसे खास इंसान बना दिया है। 


केवल खास ही नहीं बल्कि वो शख्स आज दुनिया का सबसे सफल बिज़नेस मेन और दुनिया का सबसे अमीर इंसान भी बन गया हैं। जी हां दोस्तों हम बात कर रहे है जेफ बेजोस की जो दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी amazon के मालिक और CEO है। 


जेफ की सोच उन्हें आज इस मुकाम पर लेकर आई हैं कि आज के दौर में उनका नाम दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल है। वे आज अरबों- खरबों के मालिक हैं लेकिन इस दौलत तक उनका सफर आसान नहीं रहा। 

तो आखिर ऐसा क्या किया जेफ बेजोस ने जिसकी बदौलत आज वो इस मुकाम पर है। जानने के लिए पढ़िए जेफ बेजोस की सफलता की कहानी (Jeff Bezos Biography in Hindi)


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जेफ बेजोस की सफलता की कहानी | Jeff Bezos Biography in Hindi 



जेफ बेजोस की सफलता की कहानी (Jeff Bezos Biography in Hindi):



जेफ बेज़ोस का बचपन:

जेफ बेज़ोस का जन्म 12 जनवरी 1964 को अमेरिका के न्यू मेक्सिको में हुआ था। जब वे पैदा हुए तब उनकी माँ जैकलीन हाईस्कूल में पढ़ाई कर रही थी और उनकी उम्र केवल 17 साल थी। उनके पिता का नाम टेड जॉरगेन्सेन था। वे एक बाइक की दुकान के मालिक थे।

जेफ केवल 18 महीने के थे जब उनके पिता उन्हें और उनकी माँ को छोड़कर चले गए थे। इसके बाद कुछ साल तक उनकी माँ ने उन्हें अकेले ही संभाला था। जेफ जब चार साल के हुए तो उनकी माँ ने मिगवेल बेज़ोस से शादी कार ली।

इसके बाद जेफ अपना सरनेम 'बेज़ोस' लिखने लगे। उनका परिवार ह्यूस्टन रहने चला गया। तब जेफ के पिता मिगवेल वहां इंजीनियर की तरह काम करने लगे। जेफ को शुरू से ही नई चीजों को जानने का शौक था। वे अपने खिलौनों के कलपुर्ज़े अलग कर देते थे और फिर वापस उन्हें जोड़ भी देते थे।

ऐसा करके दरअसल वे जानना चाहते थे कि चीजें काम कैसे करती है। वे शुरू से ही अपनी उम्र के बच्चों से अलग थे। जेफ ने रिवर ओक्स एलिमेंट्री स्कूल से अपनी शुरुआती पढ़ाई की।


जेफ अपनी छुट्टियां अपने नाना के घर बिताया करते थे। उन्होंने शुरु से ही खुद को टेक्नोलॉजी की दुनिया में साबित किया था। बचपन में अपने भाई-बहन की सुरक्षा के लिए उन्होंने एक इलेक्ट्रिक अलार्म भी बनाया था।



जेफ बेज़ोस की शिक्षा:

आगे चलकर उनका परिवार मियामी चला गया। यहां जेफ ने पॉलमेटो हाईस्कूल में पढ़ाई शुरू की। यहां उन्हें साइंस ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेने का अवसर मिला।

उन्हें 1982 में सिल्वर नाईट अवार्ड से भी नवाजा गया था। जेफ अपनी कक्षा में सबसे बुद्धिमान छात्रों में से एक थे। स्कूल के दिनों से ही उनका ध्यान किताबों में रहता था लेकिन यह बात उनके माता- पिता के लिए चिंता का विषय बन गयी थी।

उन्होंने जेफ को फुटबॉल सिखाना भी शुरू किया। जेफ बेजॉस ने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस में बेचलर ऑफ साइंस की डिग्री ली।

1986 में ग्रेजुएट होने के बाद कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में ही वॉल स्ट्रीट में काम किया। इसके बाद उन्होंने 'फेटल' नाम की कम्पनी में भी काम किया।




amazon कंपनी की शुरुआत कैसे हुई ? 

amazon कम्पनी की शुरुआत के पहले जेफ बेजोस ने दूसरी कई कंपनियों में काम किया। इस प्रकार कई कंपनियों में काम करने के बाद जेफ ने सोचा कि वे दूसरों के लिए कब तक ऐसे ही काम करते रहेंगे। इसके बाद उन्होंने खुद का व्यवसाय शुरू करने का मन बना लिया था।

उन्होंने अमेरिका के कई शहरों की यात्राएं की और ये जानने की कोशिश की कि लोगों को क्या चाहिए। उन्हें सर्वे में पता चला कि इंटरनेट की मांग तेजी से बढ़ रही है और यदि इसी क्षेत्र में बिज़नेस शुरू किया जाये तो सफलता मिलना तय है।


इसके बाद वर्ष 1994 में उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और अपने घर के गेराज मे ऑनलाइन व्यवसाय की तरफ अपना पहला कदम रखा।

शुरुआत किताबें बेचने से की क्योंकि वे खुद किताबों के शौकीन थे। उन्होंने तीन कंप्यूटर और कुछ कर्मचारियों के साथ कम्पनी की शुरुआत की।

माता- पिता ने भी उनके इस काम में पूरी मदद की। हालांकि उस वक्त उन्हें जेफ का बिज़नस मॉडल समझ नहीं आ रहा था। उस समय वे इंटरनेट के बारे में ज्यादा नहीं जानते थे लेकिन उन्हें अपने बेटे पर पूरा भरोसा था।

शुरआत में जेफ ने अपंनी कम्पनी का नाम 'कैडेब्रा' रखा फिर कुछ महीनों बाद उसे बदलकर 'रिलेंटलेसडॉटकॉम' कर दिया लेकिन यह नाम भी उनके दोस्तों को पसंद नहीं आया।

1995 में अंततः उन्होंने अपनी कंपनी का नाम बदलकर 'अमेजॉन' रख लिया जो दक्षिणी अमेरिका की एक नदी पर आधारित था।

बिज़नेस शुरू करने के सिर्फ 2 महीनों में ही अमेजॉन ने 45 से अधिक किताबें बेच दी थी। इसके बाद कुछ ही समय में उनकी हर हफ्ते की बिक्री करीब 20 हजार अमेरिकन डॉलर्स हो गयी थी।

बस यही से ही जेफ और उनकी कम्पनी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आगे चलकर 'अमेजॉन' पर अनगिनत सामान की लिस्टिंग की गई।

इसके बाद 'अमेजॉन' बन गयी दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन शॉपिंग साइट। वर्तमान में जेफ़ बेजोस की कुल नेटवर्थ लगभग 121 यूएस डॉलर है।



जेफ़ बेजोस के जीवन से मिली ये सीख :



'परफेक्ट लाइफ' जैसी कोई चीज नहीं होती है।
केंद्र में हमेशा ग्राहक होना चाहिए।
अपने विज़न को लेकर हमे जरुरत से ज्यादा जिद्दी होना चाहिए।
भविष्यवाणी से ज्यादा आसान है आविष्कार करना।

अंत में:
तो दोस्तों, आपको ये जेफ बेजोस की सफलता की कहानी कैसी लगी अपने विचार हमे कमेंट करके जरूर बताये एवं इस प्रेरणादायक कहानी को अपने दोस्तों, परिवारजनों में शेयर जरूर करे ताकि उनके जीवन में भी सफलता की प्रबल भावना जाग्रत हो सके एवं वो भी अपने सपने को साकार कर सकें। 

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