Chai Ki Kheti Ki Jankari | चाय की खेती की जानकारी
चाय की खेती भारत सहित विश्व के अनेक देशों में की जाने वाली एक महत्वपूर्ण रोपण कृषि है। चाय न केवल एक लोकप्रिय पेय पदार्थ है, बल्कि यह कृषि और व्यापार दोनों की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण फसल मानी जाती है। चाय की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु, तापमान, वर्षा और मिट्टी का सही होना बहुत जरूरी होता है।
इस लेख में आप चाय की खेती की पूरी जानकारी प्राप्त करेंगे, जैसे— चाय की खेती कैसे की जाती है, इसके लिए कौन-सी भौगोलिक परिस्थितियाँ अनुकूल होती हैं, भारत और विश्व में चाय के प्रमुख उत्पादन क्षेत्र, तथा चाय से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर।
Chai Ki Kheti Ki Jankari
Chai Ki Kheti Ki Janakari चाय विश्व का एक सबसे प्रमुख पेय पदार्थ है जिसकी खेती विश्व के कई भागों में की जाती हैं। और पूरे विश्व में चाय का सेवन बहुत ज्यादा किया जाता है।
चाय की खेती रोपण कृषिके अंतर्गत आती है। इसकी खेती के लिए गर्म एवं नम जलवायु बेहतर मानी जाती है।
चाय उष्ण एवं उपोष्ण जलवायु का पौधा है। चाय की उपज मुख्य रूप से एशिया के मानसूनी जलवायु वाले क्षेत्रों में होती है। पत्तियाँ साल में कई बार तोड़ी जाती है।
(जैसे- चीन में तीन बार एवं भारत में 16 बार), अतः बड़ी मात्रा में सस्ते श्रमिक आवश्यक होते है। बगानों में चाय के पौधों को लगाने के लिए अक्टूबर – नवंबर का महीना सबसे सही समय उपयुक्त होता है।
चाय के लिए भौगोलिक परिस्थितियाँ
चाय की खेती के लिए जलवायु एवं तापमान
चाय एक उपोष्ण कटिबंधीय पौधा हैं जिसके लिए थोड़ी गर्म एवं नम जलवायु अच्छी मानी जाती है। चाय के पौधे मध्यम उष्ण एवं आर्द्र जलवायु में बेहतर रूप से वृद्धि करते है।
इसके पौधे के लिए 21°C से 29°C तापमान उपयुक्त माना गया है।
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चाय की खेती के लिए वर्षा
चाय की खेती के लिए 150 से 200 सेंटीमीटर वार्षिक वर्षा बेहतर मानी जाती है। वर्षा पूरे वर्षभर में कई बार टुकड़ों में होनी चाहिए।
इससे पौधे को सही गर्मी और पानी मिलता रहता है और पौधे सूखते नहीं है। पर्याप्त बारिश से चाय के पौधे पोषक तत्वों से भर जाते है।
चाय की खेती के लिए भूमि एवं मिट्टी
चाय की खेती के लिए पहाड़ी अर्थात ढालनुमा भूमि अच्छी मानी जाती हैं। लेकिन आधुनिक तकनीक के कारण आजकल मैदानी इलाकों में भी चाय की खेती की जाने लगी है।
सुप्रवाहित भूमि एवं ढाल भूमि इसके लिए उपयुक्त होती है जिसमे वर्षा का जल जमने नहीं पाता है। चाय की खेती के लिए खेत में जलनिकास की सुविधा होनी चाहिए
चाय की खेती के लिए ऐसी मिट्टी की जरूरत होती है जिसमें फॉस्फोरस एवं लोहा पर्याप्त मात्रा में मौजूद हो।
इसके लिए गहरी उपजाऊ दोमट मिट्टी एवं लैटराइट मिट्टी उपयुक्त मानी जाती है। चाय का पौधा ह्यूमस और कार्बनिक पदार्थों से समृद्ध मिट्टी में अच्छी तरह से बढ़ता है।
इसकी खेती के लिए 4.5 – 5.0 पी. एच वाली हल्की अम्लीय मिट्टी अच्छी मानी जाती है।
विश्व में चाय के उत्पादन क्षेत्र
भारत में चाय का उत्पादन क्षेत्र
असम में ब्रह्मपुत्र एवं सूरमा घाटियाँ तथा सदीय क्षेत्र, पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग एवं जलपाईगुड़ी, बिहार में पूर्णिया, झारखण्ड में रांची, उत्तरांचल में देहरादून, अल्मोड़ा एवं गढ़वाल, हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा घाटी एवं दक्षिण भारत में नीलगिरि पहाड़ी क्षेत्र।

भारतीय चाय विश्व में सर्वोच्च कोटि की होती है। चाय के उत्पादन एवं उपभोक्ता में भारत का विश्व में प्रथम स्थान है।
चीन में चाय का उत्पादन क्षेत्र
चाय की कृषि चीन में ही शुरू हुई आज भी सबसे अधिक क्षेत्र में यह चीन में ही उपजाया जाता है।
यहां यांग्त्सीक्यांग की घाटी एवं इसके आस पास के पहाड़ी भाग, सिंकियांग घाटी एवं फूकन में चाय की कृषि की जाती है।
चीन की चाय घटिया किस्म की होती है एवं उत्पादन घरेलू खपत के लिए ही होता है।
श्रीलंका एवं इंडोनेशिया में चाय का उत्पादन क्षेत्र
श्रीलंका में चाय की कृषि मध्य एवं दक्षिणी पहाड़ी भागों में की जाती है। जावा एवं सुमात्रा के उत्तर- पूर्वी भाग के ज्वालामुखी पर्वतीय क्षेत्र में चाय का खेती की जाती है।
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चाय का विश्व व्यापार
भारत, श्रीलंका, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, जापान, कीनिया एवं ताईवान चाय के प्रमुख निर्यातक देश है। भारत अपने कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत चाय का निर्यात कर देता है। यह निर्यात मुख्यतः कोलकाता बंदरगाह से किया जाता है।
श्रीलंका अपने उत्पादन का 85 प्रतिशत चाय का निर्यात करता है। (कोलंबो बंदरगाह से). चाय के प्रमुख आयातक ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका, भूतपूर्व सोवियत संघ, फ़्रांस, जर्मनी, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मिश्र आदि है। ताईवान की उलंग चाय अमेरिका में काफी प्रसिद्ध है।
FAQ (Chai Ki Kheti Ki Janakari | चाय की खेती की जानकारी)
चाय की खेती के लिए कौन सी मिट्टी होनी चाहिए?
उत्तर: इसके लिए गहरी उपजाऊ दोमट मिटटी एवं लैटराइट मिट्टी उपयुक्त मानी जाती है।
चाय की खेती कब होती है?
उत्तर: अक्टूबर से नवंबर
क्या चाय बारहमासी फसल है?
उत्तर : है चाय एक बारहमासी फसल है।
चाय का पेड़ कितने समय तक रहता है?
उत्तर : चाय का पौधा 40 से 50 वर्ष तक जीवित रहता है।
भारत में सर्वोत्तम चाय कहाँ पैदा की जाती है?
उत्तर : भारत में दार्जिलिंग असम की चाय सबसे बेहतरीन किस्म की चाय मानी जाती है।
चाय की खेती के लिए क्या आवश्यक है?
उत्तर : चाय की खेती के लिए अनुकूल भौगोलिक परिस्थितियां, उपजाऊ मिट्टी, एवं सस्ते श्रमिकों की आवश्यकता होती है।
चाय के पौधे कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर : चाय के पौधे दो प्रकार के होते है – कैमेलिया साइनेंसिस
चाय के पेड़ का दूसरा नाम क्या है?
उत्तर : मेलेलुका अल्टिफ़ोलिया
चाय के पौधों से पत्ते कब निकाले जाते हैं?
उत्तर : चाय के पौधे से पत्ती तोड़ने का काम मार्च से शुरू होता है।
विश्व में सबसे ज्यादा चाय कहाँ होती है?
उत्तर : चीन में विश्व की सर्वाधिक चाय पैदा की जाती है।
चाय की खेती के लिए तापमान कितना होना चाहिए?
उत्तर : 20°C से 30°C तक का तापमान चाय की खेती के लिए उपयुक्त माना जाता है।
चाय के लिए कौन सी जलवायु चाहिए?
उत्तर : उष्ण कटिबंधीय गर्म और आर्द्र (नम) जलवायु चाय बागान के लिए बहुत उपयुक्त है।
चाय के लिए कितनी वर्षा आवश्यक है?
उत्तर : 150–200 सेमी वार्षिक वर्षा होनी चाहिए।
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