होशियार कैसे बने? | अपने आपको होशियार कैसे बनाये – 10 आसान और असरदार तरीके

आज के दौर में सिर्फ मेहनती होना ही काफी नहीं है, बल्कि होशियार होना भी उतना ही जरूरी हो गया है। बदलते ज़माने में वही इंसान आगे बढ़ पाता है जो हालात को समझकर सही फैसले लेता है और मुश्किल समय में खुद को संभाल पाता है।

इस लेख में हम जानेंगे कि होशियार कैसे बने और अपने आपको होशियार कैसे बनाये, ताकि आप ज़िंदगी के हर मोड़ पर समझदारी से काम लेकर आगे बढ़ सकें।

अपने आपको होशियार कैसे बनाये?

होशियार इंसान वह होता है जो हालात को समझकर, भावनाओं पर नियंत्रण रखते हुए सही फैसला ले। नीचे बताए गए तरीकों को अपनाकर आप अपने आपको होशियार बना सकते हैं और हर परिस्थिति में समझदारी से काम ले सकते हैं।

किसी भी बात से डरे नहीं: 

डर किसी भी इंसान में एक अजीब किस्म की शंका पैदा कर देता है जिसके कारण व्यक्ति अनायास ही छोटी छोटी बातों पे डरने लगता है।

और इसी डर के कारण व्यक्ति अपने जीवन में किसी भी नए काम को करने में डरने लगता है ये डर असफलता का भी हो सकता है या फिर लोगों की बातों का आदि कुछ भी।

होशियार कैसे बने, अपने आपको होशियार कैसे बनाये

इसलिए जरुरी है कि अपनी लाइफ से डर को सबसे पहले दूर भगाये और नीडर बने। अपनी लाइफ में कुछ भी नया करने से डरे नहीं।

जब आप धीरे धीरे अपने डर पे काबू पाने लगते हो तब आपके अंदर एक अलग ही तरह का उत्साह पैदा होता है और ये उत्साह ही एक इंसान को बड़े बड़े काम करने के लिए प्रेरित करता है। 

अपने आपको किसी से कम न समझे:

कई लोगो में ये आदत होती है कि वो अपने आपको हमेशा किसी न किसी से तुलना करते रहते है और फिर कही न कही खुद को कमजोर समझने लगते है।   

ये दब्बूपन इंसान को अंदर से कमजोर बनाता है जिससे वो अपने ज्ञान का खुलकर उपयोग नहीं कर पाता है।

अतः होशियार इंसान बनना है तो इस दब्बूपन को आज से ही अपने अंदर से निकाल दे और सिर्फ ये सोचे कि आप जो भी करेंगे वो अच्छा ही करेंगे।     

किसी भी काम में बढ़चढ़ कर हिस्सा ले:

होशियार व्यक्ति किसी भी काम में आगे बड़ चढ़कर हिस्सा लेते है और वो किसी भी छोटे- बड़े मौके को हाथ से जाने नहीं देते है।

इससे उन्हें अपनी लाइफ में काफी फायदा भी होता है। इसलिए आप भी इस आदत को अपने जीवन में जरूर अपनाये।   

आसानी से किसी पर भी भरोसा न करे:

एक होशियार इंसान की ये ही सबसे बड़ी पहचान होती है कि वो आसानी से किसी पर भी भरोसा नहीं करता है। वो हर कदम होशियारी बरतता है ताकि उसके साथ कोई किसी भी प्रकार का धोका न कर सके।   

और आज के समयँ ये जरुरी भी हो गया है क्यूंकि जहां पग पग पे लोगों के साथ धोका, फ़रेब और गुनाह होने लगा है तो ऐसे में कोई भी आसानी से किसी पर क्यों भरोसा जतायेगा।     

हालातों का पूर्व अंदाज़ा लगाना सीख ले:

हर एक इंसान अपने जीवन में कई बार मुश्किल हालातों का सामना जरूर करता है। कुछ लोग इससे भी अपने आपको बाहर निकाल लेते है।

ऐसा वो इसलिए कर पाते है क्यूंकि उन्हें आने वाले बुरे वक्त और मुश्किल हालातों का थोड़ा बहुत अंदाज़ा जरूर हो जाता है।   

इसलिए ऐसा अपने जीवन में करना भी किसी बड़ी होशियारी से कम नहीं माना जाता है।   

समझदारी से काम ले:

कई बार आपके साथ कुछ ऐसे पल भी आये होंगे कि जब आपने किसी बात पर सामने वाले पर बहुत ज्यादा गुस्सा दिखाया होगा।

खैर फैमिली के साथ तो थोड़ा बहुत चलता है लेकिन यदि ये ही बात आप जहां आप काम (नौकरी या बिज़नेस) करते हो वहां हो तो ऐसे में आपको नुक्सान उठाना पड़ सकता है।     

मेरे कहने का मतलब है कि आपके ऑफिस में यदि आप किसी कर्मचारी या अपने बॉस से झगड़ पड़ते है तो इससे आपको क्या नुकसान हो सकता है ये आप भी अंदाजा लगा सकते है।     

तो फिर बात ये है दोस्त! कि यदि आप थोड़ी समझदारी या चालाकी से काम ले तो शायद आप बुरे भी न बने और आप चुपचाप अपना काम भी निकालते रहेंगे। बाकि आप तो समझदार है ही।       

थोड़े से स्वार्थी और चालाक भी बने:

वो बात तो आपने सुनी ही होगी न कि गरज पड़ने पर गधे को भी बाप बनाना पड़ता है। हालाँकि ये बात सिर्फ गरज पड़ने पर ही लागु नहीं होती बल्कि आज के समय में इसे आप हर वक्त और हर जगह आजमा सकते है

क्यूंकि अब भोलेपन और हद से ज्यादा ईमानदारी दिखाने से कुछ नहीं होता बल्कि आप हर जगह खुद ही अपना नुकसान करवा बैठोगे।     

इसलिए जरुरी है कि जब भी आपको किसी से कोई काम निकलवाना हो या कोई आपको अपने फायदे की लिए इस्तेमाल करना चाहता हो तो उस समय आप थोड़ी समझदारी और चालाकी दिखाते हुए पेश आये और उसे अपनी बात से राजी करने का प्रयास करें आपका काम बन जायेगा।

हालाँकि आपको इस बात का भी ध्यान रखना है कि इससे सामने को किसी प्रकार के जान माल का नुक्सान न हो। 

दुसरो की गलतियों से भी सीखे:

दोस्तों बादाम खाने से अक्ल नहीं आती बल्कि ठोकर खाने से अक्ल आती है लेकिन एक समझदार इंसान दूसरों की गलतियों से भी काफी कुछ सीखता है।

इसके लिए जरुरी नहीं कि आप पूरी जिंदगी ठोकरें ही खाते रहे क्यूंकि ऐसे तो आप अपना पैसा और समय दोनों ही बर्बाद करेंगे।   

इसलिए बेहतर होगा कि आप दूसरों की गलतियों से भी कुछ न कुछ सीखे और खुद उन गलतियों को करने से बचे।

दुसरो से काम लेना सीखें:

दूसरों से काम लेना एक ऐसी कला है जो हर किसी को नहीं आती है। इस कला के माहिर लोगों में गजब की लीडरशिप छुपी होती है।     

जहां एक सीधे सादे इंसान को हर कोई अपने काम के लिए रगड़ लेता है तो वही एक होशियार इंसान दूसरों से अपना काम निकलवाने में माहिर होते हैं।       

हमेशा सजग व सचेत रहे:

दोस्तों समय का कोई भरोसा नहीं कि कब बदल जाये यानि कब कौनसा अच्छा या बुरा वक़्त आ जाये ये किसी को पहले से पता नहीं होता है

लेकिन फिर भी आप थोड़ी बहुत तैयारी पहले से करके रखे तो हो सकता है कि आप भविष्य में दूसरों से ज्यादा फायदे में रहे।     

इसलिए आप अपने जीवन में हमेशा सजग रहे और समय आने पर उचित अवसर का भरपूर फायदा उठाए। इससे आप समय का सदुपयोग भी कर पाएंगे।         

सारांश:

आज के समय में सफल और सुरक्षित जीवन जीने के लिए होशियार और समझदार होना बहुत जरूरी है। इस लेख में बताया गया है कि डर से बाहर निकलकर, खुद पर भरोसा रखकर, हालातों को समझते हुए और सही समय पर सही फैसला लेकर कोई भी व्यक्ति होशियार बन सकता है।

दूसरों की गलतियों से सीखना, जरूरत पड़ने पर चालाकी दिखाना और हमेशा सजग रहना एक समझदार इंसान की पहचान है। लगातार सीखते रहना और खुद को समय के अनुसार बदलना ही असली होशियारी है।

तो मित्रों ये थी कुछ महत्वपूर्ण बातें जो हर इंसान को अपने जीवन में जरूर अपनानी चाहिए।

आपको ये आर्टिकल (होशियार कैसे बने, अपने आपको होशियार कैसे बनाये) कैसा लगा हमें कमेंट द्वारा जरूर बताये। 

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