मन क्यों भटकता है ? मन को एकाग्र कैसे करे?

मन क्यों भटकता है, और मन को एकाग्र कैसे करे? आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हममे से अधिकांश लोग इसी बात से परेशान है कि आखिर हमारा मन बार बार भटकता क्यों है और क्यों हमारा ये मन एकाग्रचित नहीं हो पाता है।



दोस्तों कहते है न कि मन की शक्ति सबसे बड़ी मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति होती है क्यूंकि अगर हम मन लगाकर किसी काम को करते है तो हमें उस काम में सफलता जरूर मिलती है फिर चाहे वो कितना भी बड़ा या कठिन कार्य क्यों न हो। लेकिन इसके लिए शर्त यही है कि हम उस काम को एकाग्रचित होकर करें। 

परन्तु क्या हो जब हमारा ये मन अपनी मनमानी करने लगे और बार बार हम लोगो से यही शिकायत करने लगे कि हमारा मन क्यों भटकता है, और मन को एकाग्र कैसे करे?



तो दोस्तों ऐसा हर किसी के साथ होता है बल्कि कभी कभी ऐसा मेरे साथ भी होता है। तो फिर मैं कैसे अपने को काबू में रख पाता हूँ। जानने के लिए आप ये पोस्ट जरूर पढ़े क्यूंकि इसमें मैं आपको ऐसे कई कारण बताऊंगा कि जिससे आपको भी पता चलेगा कि आखिर मन क्यों भटकता है, और साथ ही आप ये भी जानेंगे कि हम मन को एकाग्र कैसे करे?


मन क्यों भटकता है ? मन को एकाग्र कैसे करे?
मन क्यों भटकता है ? मन को एकाग्र कैसे करे? 


तो आईये सबसे पहले हम जानते है कि आखिर हमारा मन क्यों भटकता है और इसके क्या कारण है?  

मन क्यों भटकता है?

1 . एक साथ कई कार्य करना:

कुछ लोगों की आदत होती है कि वो एक ही समय में अपने सारे काम निपटाना चाहते है। लेकिन यकीन मानिए दोस्तों, जब भी हम एक साथ कई सारे काम करने लगते है तो हमारा मन एक जगह पर एकाग्रचित नहीं रह पाता है और हमारा ध्यान बार बार दूसरे काम की ओर जाता रहता है।


2 . कुछ काम अधूरे रहना:

आपने देखा होगा कि जब भी हम कोई काम अधूरा छोड़ते है और फिर उसके अलावा दूसरे काम में लग जाते है तो हमें उस अधूरे काम की चिंता लगी रहती है। फिर चाहे वो हमारा ऑफिस का काम हो, घरेलु काम हो या पर्सनल काम ही क्यों न हो। और ऐसी स्थिति में आप चाहकर भी मन को नहीं थाम सकते। 



3 . परेशान रहना:

कभी कभी हमारा मन बिना वजह परेशान सा रहने लगता है और हमे कुछ अजीब सी बैचेनी होने लगती है, कुछ बुरे बुरे से ख्याल मन में आने लगते है। ऐसी स्थिति में किसी भी काम में मन लगता ही नहीं है।


4 . बिना काम खाली बैठे रहना:

वो कहते है न कि खाली दिमाग शैतान का घर तो यह बात बिलकुल सच है। यानि अगर आपके पास कोई काम न हो और आप खाली बैठे हो तो तब भी आप आपके मन में अनाप शनाप विचार आते रहते है और फिर सोचते सोचते आपका मन न जाने कहां पहुंच जाता है।



5 . आत्म संतुष्टि न होना:

दोस्तों मन भटकने का सबसे बड़ा कारण यही है-आत्म संतुष्टि न होना। यानि किसी भी काम या परिणाम से पूर्णतया संतुष्टि न होने पर मन कभी काबू ने नहीं रहता है। जब तक मन को पूर्णतया संतुष्टि नहीं मिल जाती तब तक मन यूं ही बैचेन सा रहता है।


6 . सही वातावरण नहीं मिलना:

अगर आप एक ऐसी जगह रहते है जहां बहुत ज्यादा लड़ाई झगड़े या अशांति सा माहौल है तो यकीन मानिये आप कभी भी शांति से नहीं रह सकते। ऐसे माहौल में आपके मन में नकारात्मक या बुरे खयाल आते रहते है जो कि मन भटकने का संकेत होता है। 

7 . बहुत ज्यादा सोचना:

ज्यादा सोच विचार करने वाले व्यक्ति कभी भी किसी एक बात पे टिक कर नहीं रहते। ऐसे व्यक्ति हमेशा खोये खोये से रहते है क्यूंकि हर वक्त इनके मन में कुछ न कुछ चलता ही रहता है।  



8 . जल्दबाजी करना:

अगर आप किसी काम को बिना सोचे समझे करना शुरू कर देते हो यानि उस काम में जल्दबाजी करते हो ऐसे में आपके मन में कुछ न कुछ संशय बना ही रहता है कि कही काम बिगड़ न जाये और यदि ऐसा हुआ तो फिर क्या होगा आदि आदि। 


9 . रिश्ते ख़राब होना:

दोस्तों रिश्तों की बुनियाद विश्वास और प्रेम पर टिकी होती है। इसलिए किसी कारणवश जब कभी रिश्तों में शंका और अविशवाश का वातावरण पैदा होने लगता है तो फिर मनस्थिति कैसी होती है ये यहाँ शब्दों में बयां करना बेहद मुश्किल है। 


10 . घटिया टीवी प्रोग्राम/ न्यूज़ चैनल देखना:

ये कुछ ऐसी चीजे है जो आजकल हमारी जिंदगी में आम हो गयी है। इनके बिना हमको ऐसा लगता है कि जैसे पूरा दिन ही खाली गुजर गया। लेकिन आजकल टीवी और न्यूज़ चैनल वाले अपनी TRP के लिए घटिया प्रोग्राम भी दिखाने लगे है जिनके कारण लोगों को कई प्रकार के उल जुलूल विचार आते रहते है क्यूंकि मनुष्य जैसा देखता है उसका मन भी वैसा ही बन जाता हैं। 

इसके अलावा इंटरनेट पर अश्लीलता देखना, गन्दा साहित्य पढ़ना और गंदे लोगो से ताल्लुक रखना आदि भी और कई सारे कारण है जिनके कारण हमारा ये चंचल मन कभी काबू में नहीं रहता है। 



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मन को एकाग्र कैसे करे ?

मन को एकाग्र करने के लिए आप ऊपर बतायी गई उन सभी बातों पर जरूर ध्यान दे और जितना हो सके इनको अपने आप से दूर करने की कोशिश जरूर करें। इसके अलावा अब हम कुछ ऐसे तरीके जाएंगे जिनके द्वारा आप अपने मन को काफी हद तक एकाग्रचित रख पाएंगे। तो आईये अब जानते है कि हम अपने मन को एकाग्र कैसे करे?

1 . काम की प्राथमिकता तय करें:

अगर आपके कई सारे काम अधूरे है तो उनके लिए समय और काम का बटवारा ठीक से करें यानि काम की प्राथमिकता तय करें कि आपको उनमे से कौनसा काम पहले पूरा करना है। इस प्रकार आप सबसे जरुरी काम पहले निपटाते जाये इससे आपका मन भी शांत बना रहेगा। 


2 . ज्यादा सोच विचार न करें:

दोस्तों ज्यादा सोचने से मन अशांत ही रहता है। इसलिए अगर आपको भी ये आदत है तो आप जितना जल्दी हो सके उतना इसे बदलने की कोशिश करें। 

3 . कुछ न कुछ नया करते रहे:

अपने जीवन में हमेशा बदलाव लाते रहे यानि कुछ न कुछ नया करते रहे। इससे आपको ज़रा भी बोरियत महसूस नहीं होगी।  

4 . प्रकृति के करीब जाये:

जब भी कभी आपका मन अशांत हो तो उस समय कुछ पल आपको प्रकृति से साथ बिताना चाहिए। आप देखेंगे कि प्रकृति कितनी खूबसूरत और शांत है। प्रकृति का वो वातावरण आपको एकदम तरो ताजा कर देगा


5 . मन की संतुष्टि जरुरी है:

आप चाहे कितना ही बड़ा काम क्यों न कर ले लेकिन जब तक आप उस काम से खुश नहीं हैं तब तक आपको मन को ख़ुशी नहीं मिलेगी। इसलिए मन को खुश करना भी जरुरी है। 
    


 6 . अच्छा संगीत सुने:

जब आपको कुछ अच्छा न लगे या कुछ बोरियत सी महसूस हो तो आप अपना मन पसंद संगीत जरूर सुने। इससे मन का तनाव दूर होता है मन में कॉन्फिडेंस भी आता है।  

  

7 . नियमित रूप से ध्यान करें:

योग या ध्यान करने से मन एकाग्रचित होता है, मन को शांति मिलती है एवं मन में नकारात्मक विचार दूर होते है। इसलिए आप नियमित रूप से ध्यान करने आदत डाल ले। 


 8 . काम के दौरान मोबाइल से दूर रहे:

आजकल कई लोग डिजिटल फोबिया नामक रोग से ग्रसित होने लगे है और यह मोबाइल का ज्यादा उपयोग करने से होता है। जो लोग मोबाइल का हद से ज्यादा उपयोग करते है उन्हें कई बार मोबाइल चेक करने की आदत सी होने लगती है और उनको ये भ्रम होने लगता है कि जैसे उनका फ़ोन बज रहा है या कोई मैसेज आया है। 
  
    

9 . सभी काम तय समय पर ही पूरा करें:

आप अपने सभी काम तय समय पर ही करने की कोशिश करें ताकि आपसे कोई भी काम अधूरा नहीं रहेगा और आप अधूरे काम की चिंता से मुक्त भी रहोगे। 
  
    

10 . सोशल मीडिया का ज्यादा यूज़ न करें:

जो लोग सोशल मीडिया पर ज्यादा वक्त बिताते है उनको हर वक्त इसी बात की चिंता रहती है कि उनकी पोस्ट पे कितने लाइक आए है और किसने लाइक किया किसने नहीं। और वो बार बार अपना मोबाइल फ़ोन चेक करते रहते है और ऐसे में वो हर बात को दिल पे लेने लगते है। 

तो अब से आप जब भी सोशल मीडिया का यूज़ करेंगे तो आप ऐसी फालतू की चिंता नहीं करेंगे और न ही किसी के लाइक और डिसलाइक की चिंता करेंगे। 

इसके अलावा और भी कुछ ऐसी बातें है जिनका आप खास खयाल रखेंगे तो आप जीवन में कभी भी इस बात से परेशान नहीं होंगे। जैसे :-

  • अपने स्वास्थ्य का खास खयाल रखे
  • खान पान का ख्याल रखे
  • अश्लील चीजों से दूर रहें
  • अच्छी किताबे पढ़े
  • और हां !! इश्क़ मोहब्बत ज़रा सोच समझकर ही करें

तो दोस्तों ये मेरे कुछ निजी विचार जिसमे आपने जाना कि हमारा मन क्यों भटकता है और मन को एकाग्र कैसे करे? 

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