ये है भारत के टॉप 7 नेशनल पार्क |Top 7 National Parks of India

हेलो दोस्तों, आज की इस पोस्ट में हम उन Top 7 national parks of India यानि भारत के टॉप 7 राष्ट्रीय उद्यानो के बारे में बात करने वाले है जो पिछले कई सालो से भारतीय और विदेशी सैलानियों की खास पसंद बने हुए है और जहाँ हर साल लाखों पर्यटक प्रकृति के बीच स्वछंद विचरण करते हुए वन्य जीवों को देखने के लिए खींचे चले आते है। 
Top 10 National Parks of India, Indian national parks, tiger researve of india, top 10 national parks in India, tiger safari, bangal royal tiger, national animal of India, tiger, bagh,
Top 10 National Parks of India

वैसे तो भारत में वर्ष 2018 के आंकड़ों के अनुसार कुल 104 National Parks है परन्तु इनमे से Top 7 ऐसे National Parks है जहा पर जाने के लिए हर पर्यटक में उत्सुकता बनी रहती है। इसलिए अगर आप भी Top 7 national parks of India के बारे में जानना चाहते है तो इस पोस्ट को पढ़े क्यूंकि इस पोस्ट में मैं आपको इनके बारे में विस्तार से जानकारी देने वाला हूँ। तो आईये जानते है। 

Top 10 National Parks of India 


1. Jim Corbett National Park:

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क भारत का सबसे प्रसिद्द और सबसे पुराना National Park माना जाता है। इसे वर्ष 1936 में हैली नेशनल पार्क के रूप में शुरू किया गया। भारत में प्रोजेक्ट टाइगर (वर्ष 1973 में) सबसे पहले यही से शुरू किया गया था तथा बाद में देश के अन्य स्थानों पर इसी तर्ज कई टाइगर रिज़र्व की स्थापना की गयी। 

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क उत्तराखंड राज्य के नैनीताल जिले में स्थित है जो 520 वर्ग किलोमीटर के पहाड़ी इलाके में स्थापित है। इसका नाम एक प्रसिद्द अंग्रेज शिकारी और प्रकृतिवादी जिम कॉर्बेट के नाम पर रखा गया है। 

यह नेशनल पार्क अपने विशाल इलाके में पहाड़ियों का क्षेत्र, रिवर बेल्ट, दलदली अवसाद, घास के मैदान और एक बड़ी सी झील भी रखता है। इसकी समुद्री तल से ऊंचाई 1300 से 4000 फिट मानी गयी है। 

यहाँ पर पेड़ पौधों की अनेक प्रजातियां पायी जाती है जिनमे विशाल साल, सिसो और खैर तथा देवदार के पेड़ शामिल है। इसके लगभग 10% भाग पर घास के मैदान पाए जाते है। 

यहाँ के वन्य जीवो में टाइगर के अलावा पहाड़ी तेंदुआ, स्लोथ भालू (sloth bear), हिमालयी काला भालू, सांभर, चीतल, हाथी, ऊदबिलाव(otters), पहाड़ी बकरी, ग्रे मैंगोज, इंडियन पेंगोलिन, लंगूर और रीसस बन्दर, उल्लू, मगरमच्छ, भारतीय अजगर, किंग कोबरा और कॉमन कोबरा आदि वन्य जीव बहुतायत में पाए जाते है। 

कब और कैसे पहुंचे?
यहाँ पर जाने का सबसे उपयुक्त समय नवंबर से जून का है। यहाँ सड़क और रेल मार्ग दोनों से पहुंचा जा सकता है। यहाँ से निकटतम रेलवे स्टेशन हल्द्वानी है जहा से सड़क मार्ग द्वारा लगभग 50 किलोमीटर स्थित नैनीताल जाकर पहुंचा जा सकता है। 


2. Bandhavgarh National Park:


बांधवगढ़ नेशनल पार्क भारत के प्रमुख राष्ट्रिय उद्यानों में से एक है जो कि मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में स्थित है। 105 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैले इस National Park की घोषणा 1968 में की गयी थी। मध्यप्रदेश के उमरिया और कटनी के बफर जोन को मिलाकर इसका कुल इलाका 820 वर्ग किलोमीटर का है। 


जिस जगह आज बांधवगढ़ नेशनल पार्क बनाया गया है वो पहले रीवा के महाराजा की शिकारगाह हुआ करता था। यह नेशनल पार्क सफेद टाइगर के लिए भी जाना जाना जाता है। दुनिया में सफेद बाघों को सर्वप्रथम इसी जगह खोजा गया था। 

इसके अलावा यह मध्य भारत में स्थित बाघों की सबसे बड़ी आबादी वाला क्षेत्र भी है। इसका इलाका विंध्याचल पर्वत मालाओ के साथ घास के दलदली क्षेत्र और पर्णपाती वनो से घिरा हुआ है। 

यहाँ पर रॉयल बंगाल टाइगर के साथ ही 37 अन्य स्तनधारी प्रजातियां पायी जाती है जिनमे सफ़ेद बाघ, तेन्दुए, हिरण बहुतायत में है। इसके अलावा तितलियों की 80 प्रजातियां, और लगभग 350 पक्षियों की प्रजातियां देखी गयी है। 

कब और कैसे पहुंचे?
यहाँ आप अक्टूबर से जून मध्य जा सकते है। यहाँ से निकटतम हवाईअड्डा जबलपुर(199 किमी) है जहा से भारत के प्रमुख शहरो से हवाई संपर्क सुविधा है। इसके अलावा रेलमार्ग द्वारा निकटतम रेलवे स्टेशन उमरिया (35 किमी) है इसके बाद सड़कमार्ग द्वारा पहुंचा जा सकता है।   

इसे भी पढ़े:
  # ऑनलाइन IAS Exam की तैयारी कैसे करे ?
 # आप एक IAS officer कैसे बनेंगे?

3. Gir National Park and Wildlife Sanctuary:

गुजरात का गिर नेशनल पार्क एशियाई शेरों के लिए एक बेहतर प्राकृतिक आवास है। इसे सासन गिर के नाम से भी जाता है। 
इसका कुल क्षेत्रफल 1412 वर्ग किलोमीटर है जिसमे से 258 वर्ग किलोमीटर का नेशनल पार्क व शेष हिस्से को वन्यजीव अभ्यारण्य के रूप में विभाजित किया गया है। 

19 वी शताब्दी के समय तक एशियाई शेर एशिया के कई भागो और भारत के लगभग सभी क्षेत्रो में पाए जाते थे। उस समय भारत में शेरों की तादात हजारो में थी परन्तु 20 वी शताब्दी तक आते आते इनकी तादात घटकर बहुत कम हो गयी क्यूंकि उस समय भारतीय रियासतों एवं अंग्रेजो द्वारा अपने मनोरंजन एवं झूठी शान के लिए इनका खूब शिकार किया जाता था। 

जब इसे नेशनल पार्क बनाया गया तब यहाँ शेरों की तादात मात्र 12 ही रह गयी थी परन्तु पर्याप्त सुरक्षा व्यस्था और बेहतर सुविधा के कारण अब यह संख्या बढ़कर लगभग 600 तक पहुँच गयी है। 

यहाँ शुष्क पर्णपाती वनस्पति पायी जाती है। यहाँ के वन्य जीवो में एशियाई शेरों के अलावा भारतीय तेंदुआ, जंगली बिल्ली, धारीधार लकड़बग्घा(striped hyena), गोल्डन सियार, इंडियन मैंगोज, सांभर, चिंकारा, चीतल, साही, जंगली सूअर, काला हिरन और अन्य शामिल है। यहाँ पर सुबह, दोपहर और शाम के समय जीप सफारी का आनंद लिया जा सकता है। 

कब और कैसे पहुंचे?
गिर सफारी पर जाने के लिए दिसंबर से मार्च का समय सबसे उपयुक्त है। यहाँ पहुँचने के लिए राजकोट सबसे नजदीकी शहर( 70 किमी) है जो सड़क और हवाई सेवा से जुड़ा हुआ है। 

4. Ranthambhore National Park:

रणथंभौर राष्ट्रिय उद्यान भारत के एक प्रमुख टाइगर रेज़र्वे में से एक है। इसका कुल क्षेत्रफल 392 वर्ग किलोमीटर है। वर्ष 1980 में प्रोजेक्ट टाइगर के तहत नेशनल पार्क बनाया गया और उसके बाद वर्ष 1991 में सवाई मान सिंह और केलादेवी अभयारण्यों को शामिल करके इस बाघ अभयारण्य का विस्तार किया गया। 

हर साल लाखो देशी- विदेशी पर्यटक यहाँ पर बंगाल टाइगर को उसके प्राकृतिक आवास में स्वछंद विचरण करते हुए देखने के लिए आते है। दोपहर एवं शाम के समय यह बाघों को आसानी से देखा जा सकता है। 

इसका नाम रणथंभौर किले के नाम पर रखा गया है जो की इस नेशनल पार्क के बीचो बीच स्थित है। इस समय यहाँ पर बाघों की आबादी इस पार्क की क्षमता से ज्यादा हो चुकी है जिसके कारण यहाँ पर कभी कभार बाघों में इलाके को लेकर संघर्ष भी होते रहते है।

अतः देश के अन्य भागो में यहाँ से बाघों को शिफ्ट किया जाता रहा है जिनमे सरिस्का और मुकुंदरा टाइगर रिज़र्व प्रमुख है। इस राष्ट्रिय उद्यान को सबसे ज्यादा पहचान बाघिन मछली (T-16) के कारण मिली है जिसने अपने लम्बे जीवन काल के दौरान बाघों के कुनबे को बढ़ाया है।

मछली बाघिन अपने शिकार कौशल और ताकत के लिए जानी जाती थी। इसलिए उसे रणथंभौर की रानी और क्रोकोडाइल किलर और झीलों की महिला जैसे नाम से भी जाना जाता था।

यहाँ कब और कैसे पहुँचे?
यहाँ सफारी पर जाने का सबसे उपयुक्त समय अक्टूबर से मई के महीने का होता है। यहाँ पर ट्रैन द्वारा नजदीकी रेलवे स्टेशन सवाईमाधोपुर पहुँचकर आसानी से जाया जा सकता है।


5. Sundarbans National Park:

पश्चिमी बंगाल में गंगा के डेल्टा किनारे स्थित यह नेशनल पार्क भारत के सबसे मशहूर राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है। सुंदरवन भारत का एक सदाबहार वन कहलाता है जहा पर वर्षभर बारिश होने एवं मेंग्रोव वनस्पति होने के कारन ये जंगल सालभर हराभरा रहता है। भारत में मशहूर रॉयल बंगाल टाइगर को यही से पहचान मिली है।  

सुंदरबन एक दलदली जंगल होने के कारण यहाँ पर गाड़ी या पेडल सफारी नहीं की जा सकती अपितु इसके लिए नाव का ही सहारा लिया जाता है। यहाँ पर रॉयल टाइगर के अलावा खारे पानी के मगरमच्छ, गंगा की डॉलफिन, बड़े कछुए, तेंदुए, लोमड़ी और विशाल आकार के सरीसृप प्राणी देखने को मिल जाते है। 

यहाँ कब और कैसे पहुंचे?
यह पार्क सितम्बर से मार्च तक पर्यटकों के लिए खुला रहता है। यहाँ पर जाने के लिए नजदीकी स्थान गोसाबा शहर है जहा से सड़क मार्ग द्वारा सुंदरबन नेशनल पार्क तक पहुंचा जा सकता है।  


6. Kaziranga National Park:

उत्तरी पूर्वी भारतीय राज्य असम में स्थित यह नेशनल पार्क एक सींग वाले गेंडो (one-horned rhinoceroses) के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यह ब्रह्मपुत्र के दलदली और लैगून वाला घना जंगल का क्षेत्र है। यहाँ पर हाथियों की तादात भी कॉफी अच्छी है। इसे वर्ष 2006 में टाइगर रिज़र्व का दर्जा दिया गया। 

अगर आपमें जुरासिक काल के जीवो के वंशजो को देखने की उत्सुकता है तो आप यहाँ आकर देख सकते है। इन दुर्लभ प्रजाति के एक सींग वाले गेंडो की शरणस्थली और उनके अनुकूल प्राकृतिक वातावरण के कारण इसे वर्ष 1985 में यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया है। 


यहाँ पर जलोढ़ घास के मैदान, उपोष्ण कटिबंधीय तथा कुछ सदाबहार वनस्पति पायी जाती है। यहाँ पर सफ़ेद हंस और के गर्दन वाे सारस बहुतायत में देखने को मिलते है। इसके अलावा यहाँ पर दलदली हिरण और स्लोथ भालू की भी अच्छी तादात है। यहाँ पर जीप और हाथी सफारी दोनों की सुविधा है। 

यहाँ कब और कैसे पहुंचे?
यहाँ पर जाने के लिए उपयुक्त समय मई से अक्टूबर महीने का है। यहाँ तक पहुँचने के लिए नजदीकी जगह Kohara क़स्बा है जहा से सड़क मार्ग द्वारा काज़ीरंगा पहुंचा जा सकता है। 


7. Periyar National Park and Wildlife Sanctuary :

पेरियार नेशनल पार्क दक्षिणी भारत के केरल राज्य में स्थित है। 357 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ यह नेशनल पार्क भारत के Top National Parks में से एक है जहाँ पर टाइगर के साथ ही हाथियों को भी बेहतर सरंक्षण मिलता है। पम्बा और पेरियार नदिया इस पार्क में से होकर गुजरती है जो कि यहाँ के वन्यजीवन को फलने फूलने में सहायक है। 

यहाँ की पेरियार झील रिवर राफ्टिंग के लिए काफी प्रसिद्ध है। इसके अलावा इलाइची की पहाड़िया भी पर्यटकों को खूब रास आती है। 

यहाँ कब और कैसे पहुंचे?
अप्रैल से अगस्त और अक्टूबर से मार्च तक का समय यहाँ घूमने लिए बेहतर माना जाता है। यहाँ पर रेल, सड़क और हवाई मार्ग द्वार पहुंचा जा सकता है। कोच्चि यहाँ से नजदीकी (200 किमी) हवाईअड्डा है, कोट्ट्यम नजदीकी रैलवेस्टेशन (114 किमी ) और सड़क मार्ग द्वारा कुमिली पहुंचकर आसानी से पेरियार नेशनल पार्क पहुंचा जा सकता है।  

तो दोस्तों Top 7 National Parks of India के बारे में ये पोस्ट आपको अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों में शेयर करे और अगर आपके कोई सवाल या सुझाव हो तो हमे कमेंट करके जरूर बताये। 
धन्यवाद।
 आप ये भी पढ़े:
   # ये है दुनिया के सबसे खतरनाक कुत्ते।    # स्टेचू ऑफ़ यूनिटी की खास बातें। 
   # ये है दुनिया की 10 सबसे ताकतवर सेनायें। 
   # जानिए दुनिया के 10 सबसे ताकतवर देश कौनसे है ?   # ये है दुनिया की सबसे खूबसूरत लड़कियाँ।
Newest
Previous
Next Post »