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Domain Name Kya Hai in Hindi | Domain name System in Hindi 2022

आज इस लेख में हम बात करेंगे कि डोमेन नाम क्या होता है (Domain Name Kya Hai)?, डोमेन नेम कितने प्रकार के होते हैं और डोमेन नाम की आवश्यकता क्यों होती है? अतः डोमेन को अच्छे से समझने के लिए आप इस लेख को अंत तक जरूर पढ़े। आईये जानते हैं Domain name System in Hindi

Domain Name Kya Hai in Hindi?

इंटरनेट की दुनियां में जितनी भी websites हैं उनकी अपनी एक Unique Identity होती हैं और वह किसी न किसी नाम से जानी जाती हैं। और एक वेबसाइट को उसकी Identity और पहचान मिलती हैं DNS (Domain Name System) के द्वारा।

आसान शब्दों में कहें तो Domain Name से ही किसी वेबसाइट को जाना जाता हैं। उदाहरण के लिए अभी आप जिस वेबसाइट पर ये आर्टिकल पढ़ रहे हैं उसका डोमेन नाम हैं acchagyan.com और ये Domain Name ही इंटरनेट पे इसकी यूनिक आइडेंटिटी दर्शाता हैं। यहाँ यूनिक आइडेंटिटी का मतलब हैं कि अब इस Same Domain Name से कोई दूसरी वेबसाइट इंटरनेट पर मौजूद नहीं हो सकती।

Domain Name कुछ अंकों, अक्षरों और विशेष वर्णों का एक Combination हो सकता हैं या फिर इनमें से किसी एक वर्ग का समूह भी हो सकता हैं। प्रत्येक डोमेन में एक Extension जरूर होता हैं। जैसे- .com, .org, .net इत्यादि। इनके अलावा आजकल अन्य कई प्रकार के Domain Extension भी उपलब्ध हैं।

इन Extension के आधार पर ही किसी डोमेन को विशेष category में रखा जाता हैं जैसे TLD, gTLD, CcTLD इत्यादि। इन सभी बारे में आगे विस्तार से चर्चा करेंगे।

Domain Name सामान्यतः दो या इससे अधिक भागों से बना होता हैं जिसे . (dot) से अलग किया जाता हैं जैसे google.com

इसमें सबसे दाँया भाग (Left Side) Top Level Domain कहलाता हैं. जैसे google.com में .com एक TLD हैं। इसके अलावा एक डोमेन में बाँया हिस्सा Subdomain कहलाता हैं। उदाहरण के लिए google.com में google एक subdomain हैं।

डोमेन नाम की आवश्यकता क्यों होती है?

इंटरनेट पर मौजूद सभी Websites का एक IP (Internet Protocol) Address होता हैं जिसे मानव द्वारा आसानी से याद रखना मुश्किल होता हैं। उदाहरण के लिए google.com का एक IP Address हैं – 2001:4860:4860::8844 . इसी तरह किसी अन्य वेबसाइट का IP Address इससे अलग होगा।

इस प्रकार ऐसे Complex IP पतों को याद रखना थोड़ा मुश्किल होता हैं। इसलिए इस दुविधा से बचने एवं मानव द्वारा आसानी से याद रखने हेतु Domain name शुरू किये गए। एक डोमेन नाम एक आईपी पते के लिए एक आसान नाम है जिसे हम आईपी पते की तुलना में आसानी से याद रख सकते हैं। सरल शब्दों में, यह आईपी एड्रेस का एक मानव पठनीय संस्करण है।

DNS (Domain Name System) काम कैसे करता हैं?

इंटरनेट पर मौजूद प्रत्येक Website का Data किसी न किसी Web Server पर Stored रहता हैं और प्रत्येक Web Server की एक विशेष IP होती हैं। और यह IP एक Domain के साथ जुड़ा होता हैं।

जब भी कोई यूजर Internet Browser के URL या Address Bar में किसी वेबसाइट का Domain Name टाइप करके Search करता हैं तो ब्राउज़र द्वारा उस Domain की सहायता से उसके Server के IP को इंगित कर दिया जाता हैं। यानि वेब ब्राउज़र Domain की सहायता से वेबसाइट के Web Server तक पहुँच जाता हैं।

इसके बाद यूजर के सामने वह वेबसाइट ओपन हो जाती हैं। ये काम बहुत की कम समय यानि मिली सेकंड में पूरा हो जाता हैं। हालाँकि ये सब इंटरनेट की स्पीड पर भी निर्भर करता हैं।

एक और जरुरी बात कि किसी एक वेब सर्वर से कई Domain जुड़े हो सकते हैं और वो सभी इसी तरह से काम करते हैं।

ICANN (Internet Corporation For Assigned Names and Numbers) एक Non Profit Corporation हैं जो Domain Name और IP Address की allocation के लिए ICANN नामक एक इंटरनेशनल संस्था जिम्मेदार हैं।

Domain के प्रकार:

डोमेन नाम क्या होता है (Domain Name Kya Hai)?, डोमेन नेम कितने प्रकार के होते हैं और डोमेन नाम की आवश्यकता क्यों होती है?
Types of Domain

Domain Name कई प्रकार के होते हैं जिन्हें मुख्यतया तीन भागों में Devide किया गया हैं Top Level Domain (TLD), Country Code Top Level Domain (CCTLD), Sub Domain.

Top Level Domain (TLD):

कुछ Domain ऐसे होते हैं जिन्हें Internet SEO के हिसाब से सबसे अनुकूल माना जाता हैं और इसी वजह से TLD डोमेन वाली websites गूगल में Easily Rank भी करती हैं। TLD Extension के कुछ उदाहरण हैं:

  • .com (वाणिज्यिक)
  • .org (संगठन)
  • .net (नेटवर्क)
  • .gov (सरकार)
  • .edu (शिक्षा)
  • .name (नाम)
  • .biz (व्यवसाय)
  • .info (सूचना)

Country Code Top Level Domain (CCTLD):

Country Code Top Level Domain किसी देश के नाम के आधार पर होते हैं। ये Domain Extension किसी देश के ISO Code (जिनमें नाम के दो अक्षरों) के आधार होते हैं।

CCTLD वाले कुछ डोमेन एक्सटेंशन निम्न प्रकार हैं-

  • .Us: संयुक्त राज्य अमेरिका
  • .cn: चीन
  • .in: भारत
  • .ch: स्विट्जरलैंड
  • .rs: रूस
  • .br: ब्राज़ील

इनके आलावा भी अन्य कई Country Code Top Level Domain होते हैं। आजकल कई भाषाओं में भी डोमेन उपलब्ध हैं।

Sub Domain:

Sub Domain मुख्य Domain का ही हिस्सा होता हैं। Sub Domain मुख्य डोमेन नाम के साथ ही इस्तेमाल होता हैं। किसी वेबसाइट के URL में यह मुख्य डोमेन नाम से पहले आता हैं।

उदाहरण के लिए https://analytics.google.com/ इस यूआरएल में https:// एक protocol हैं। इसके बाद analytics एक Subdomain हैं एवं इसके बाद वाला हिस्सा google.com एक Main Domain (मुख्य डोमेन) हैं। साथ ही इस url में अंत में .com एक्सटेंशन लगा हुआ हैं जो कि TLD (Top Level Domain) की केटेगरी में आता हैं। अर्थात हम यह समझ सकते हैं कि google.com एक Top Level Domain हैं।

Subdomain के कुछ अन्य उदाहरण निम्न हैं:

  • en.wikipedia.org – (इसमें en एक subdomain हैं एवं wikipedia.org मुख्य डोमेन हैं)
  • blog.hubspot.com – (इसमें blog एक subdomain हैं एवं hubspot.com मुख्य डोमेन हैं)
  • economictimes.indiatimes.com – (इसमें economictimes एक subdomain हैं एवं indiatimes.com मुख्य डोमेन हैं)
  • today.yougov.com – (इसमें today एक subdomain हैं एवं yougov.com मुख्य डोमेन हैं)

डोमेन नाम रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

डोमेन नाम खरीदने या रजिस्टर्ड करने की प्रक्रिया Domain Registrar द्वारा पूरी की जाती हैं। Domain Registrar एक ऐसी कंपनी होती हैं जो Domain बेचती हैं।

ये कंपनियां ऐसे डोमेन बेचती हैं जिनका मालिकाना हक किसी के पास न हो तथा वो domain रजिस्टर्ड करने के लिए उपलब्ध हो।

कोई भी यूजर इनकी वेबसाइट पे जाकर वहां पर अपना मनचाहा Domain Name सर्च कर सकता हैं। इसके बाद यदि वो Domain Name पहले से किसी और के नाम न हो तो वो डोमेन नाम उस यूजर को मिल सकता हैं। जिसके लिए उससे कुछ कीमत ली जाती हैं।

हालाँकि ये डोमेन कुछ निश्चित समय के लिए ही रजिस्टर्ड किया जाता हैं जैसे – एक साल, दो साल, पांच साल आदि। आप अपनी इच्छानुसार किसी भी एक अवधि के लिए Domain Register कर सकते हैं। इस Time Limit के बाद फिर से उस डोमेन को फिर से Renew किया जाता हैं।

आजकल कई कंपनिया इस फील्ड में काम करती हैं जिनके domain की Price में भी थोड़ा अंतर देखने को मिलता हैं। अतः आप अपनी मर्जीनुसार किसी भी एक डोमेन रजिस्ट्रार से जितने चाहे उतने डोमेन अपने नाम कर सकते हो।

Godaddy, BigRock, Namecheap, Google आदि कुछ बेहतरीन Domain Registrar कंपनियां हैं। यहाँ से आप बेहद कम Price से Fresh Domain रजिस्टर करा सकते हैं।

Domain Name से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण सवाल और उनके जवाब:

Q. 1- डोमेन नाम क्या है समझाइए?

Domain Name किसी भी एक वेबसाइट का नाम होता हैं जिसे Domain Registrar से एक निश्चित समय के लिए Register करवाया जाता हैं

Q. 2 डोमेन कितने प्रकार के होते हैं?

डोमेन नाम तीन प्रकार के होते हैं -Top Level Domain, Country Code Top level Domain, Subdomain

Q. 3 डोमेन नाम होने से क्या फायदा है?

किसी भी बिज़नेस को ऑनलाइन ले जाने के लिए वेबसाइट की जरूरत होती हैं और वेबसाइट को बनाने के लिए सबसे पहले एक डोमेन की ही जरूरत होती हैं। इसलिए अपने बिज़नेस नाम से सम्बंधित Domain Name रजिस्टर्ड जरूर करवाना चाहिए।

Q. 4 वेब सर्वर और डोमेन क्या है?

वेब सर्वर किसी वेबसाइट के डाटा को host करने वाला एक कंप्यूटर होता हैं जबकि Domain किसी वेबसाइट की पहचान करने वाला और इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP) का प्रतिनिधित्व करने वाला एक string होता हैं।

Q. 5 डोमेन नाम क्या रखें?

डोमेन नाम छोटे से छोटा हो तथा ये आपके बिज़नेस के नाम से जुलता होना चाहिए ताकि इसे याद रखने में आसानी हो।

Q. 6 कौन सा डोमेन नाम सबसे अच्छा है?

Top Domain (TLD) सबसे अच्छे माने जाते हैं इनमें .com एक्सटेंशन वाला डोमेन सबसे अच्छा माना जाता हैं।

At Last:

तो फ्रेंड्स इस पोस्ट में आपने Domain Name के बारे में विस्तार से जाना कि डोमेन नाम क्या होता है (Domain Name Kya Hai)?, डोमेन नेम कितने प्रकार के होते हैं और डोमेन नाम की आवश्यकता क्यों होती है?

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Rakesh Verma

Rakesh Verma is a Blogger, Affiliate Marketer and passionate about Stock Photography.

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